भेल ई एम बी हरिद्वार की ओर से हिंदी दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन, वक्ताओं ने कहा स्नेह, ममता, प्रेम, करुणा और प्यार करना और पूरे परिवार, समाज को एक कड़ी में बांधकर रखना सिखाती हैं हिंदी भाषा

हरिद्वार । भेल ई एम बी हरिद्वार द्वारा संचालित विद्यालय, ज्ञानदीप प्राइमरी स्कूल सेक्टर 3( विद्या मंदिर सेक्टर 5 जूनियर विंग) बी एच ई एल में मुख्य अतिथि भेल हरिद्वार की प्रथम महिला रश्मि गुलाटी की उपस्थिति में वृक्षारोपण एवं हिंदी दिवस कार्यक्रम धूमधाम के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुलाटी ने वृक्षों द्वारा प्रदत्त प्राकृतिक ऑक्सीजन के अपार स्रोत की महत्ता एवं वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने का आवाहन किया। हिंदी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी को मनाया जाता है लेकिन संविधान में यह दिवस भारत में 14 सितंबर 1953 से मनाया जाता है। हिंदी हमारी मातृभाषा है ,जब हम हिंदी को अपने जीवन में अर्थ सहित उतारने का प्रयास करते हैं तो उसमें दया, ममता ,वात्सल्य, कर्तव्य निष्ठा और प्रेम झलकता है। जो अन्य किसी भाषा में कम ही देखने को मिलता है। केवल इस हिंदी के कारण ही झुककर प्रणाम करने की व्यवस्था है लेकिन अन्य देशों में हाथ मिलाकर ‘हेलो’ करने की व्यवस्था है । अतः इस मातृ भाषा को हृदय में संजोकर अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए समाज को नई और सकारात्मक दिशा में ले जाएं तभी हिंदी दिवस की महत्ता को समझा जा सकता है। विशिष्ट अतिथि के रूप के रूप में महाप्रबंधक एवं अध्यक्ष भेल ईएमबी हरिद्वार नीरज दवे ने कहा कि हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सभी आपस में भाईचारा रखते हैं ।यदि हिंदी नहीं होती तो शायद सभी का संबंध आपस में मधुर नहीं रहता। वह राष्ट्र धन्य है जिसकी मातृभाषा एक है। इसीलिए हिंदी से हिंद है और हिंदी से हिंदुस्तान है यदि जीवन में वात्सल्य भाव जागृत करना है तो उसके लिए एक मातृभाषा हिंदी ही है जो सब को एक सूत्र में पिरो कर रखती है। कार्यक्रम के अतिथि एवं सचिव भेल ई एम बी हरिद्वार विनीत कुमार जैन ने कहा कि आज स्कूल में अनेकता में एकता कार्यक्रम देख कर जैसे वृक्षारोपण, राष्ट्रीय कार्यक्रम हिंदी दिवस एवं राधा अष्टमी मना कर यह सिद्ध कर दिया कि भारतवर्ष कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक है । जिसकी मात्र एक ही दिशा है वह है हिंदी। किसी भी देश की प्रगति केवल एक प्रदेश पर निर्भर नहीं करती है वह संपूर्ण प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक ऐसी भाषा है जिसे बोला और समझा जा सकता है, वह केवल हिंदी है। इस मौके पर सुनील तोमर ,धनेश मौर्य, दिग्विजय सिंह, अल्पना, रिंकी भट्टाचार्य ,सुमन बलूनी, मीनाक्षी ,मनीषा, स्नेह लता ,दिव्या, शरण पाल ,राम दुलारे ,रतन मंडल ,राजेंद्र यादव, मुकेश, रानी, बबली, शिक्षा अधिकारी बृजपाल, प्रधानाचार्य सुनील त्यागी, ओपी सिंह, संदीप गोयल, महेश चंद, एसबी पांडे, किरण गुप्ता ,जय ओम गुप्ता, उपदेश, माहेश्वर मणि, संतोष, अजय, केडी सिंह ,इरा गुप्ता, वंदना अंदानी आदि मौजूद रहे।

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