आकस्मिक निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी से भिड़े आबकारी निरीक्षक, अभद्रता करने का आरोप, डीएम ने विभागीय कार्रवाई की संस्तुति डीएम को भेजी
रुड़की। बुधवार को आकस्मिक निरीक्षण करने पहुंचे आबकारी निरीक्षक ने एसडीएम को दस्तावेज दिखाने से मना कर दिया। आबाकारी निरीक्षक पर एसडीएम व उनकी टीम से अभद्रता करने का भी आरोप है। एसडीएम ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति डीएम को भेजी है। साथ ही पुलिस को तहरीर देने की बात भी कही है। एसडीएम लक्सर वैभव गुप्ता को लक्सर आबकारी कार्यालय की कुछ शिकायत मिली थी। इस पर दोपहर बाद करीब चार बजे वह नायब तहसीलदार रमेशचंद्र, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रविंद्र सिंह नेगी, लेखपाल पंकज राजपूत के साथ निरीक्षण करने आबकारी कार्यालय पहुंचे। उस समय आबकारी निरीक्षक एसपी व्यास कार्यालय में मौजूद थे। एसडीएम ने परिचय देने के बाद उनसे आबकारी कार्यालय में कर्मचारियों की तैनाती व उनकी उपस्थिति का रजिस्टर मांगा। आरोप है कि आबकारी निरीक्षक ने एसडीएम को निरीक्षण करने का अधिकार न होने की बात कहकर रजिस्टर दिखाने से साफ मना कर दिया। एसडीएम के मुताबिक इसके बाद आबकारी निरीक्षक ने उनके व उनकी टीम के साथ अभद्रता करते हुए उन्हें कार्यालय से बाहर निकाल दिया और फिर कार्यालय का ताला लगाकर चले गए। इसके बाद एसडीएम ने वहीं से फोन करके पूरे प्रकरण की जानकारी जिलाधिकारी हरिद्वार को उपलब्ध कराई। एसडीएम गुप्ता ने बताया कि आबकारी निरीक्षक ने अनुशासनहीनता की है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति जिला प्रशासन को भेज दी गई है। टीम के साथ अभद्रता के मामले में उनके खिलाफ लक्सर कोतवाली पुलिस को भी तहरीर दी जा रही है। उधर, आबकारी निरीक्षक व्यास का कहना है कि एसडीएम ने उनसे उपस्थिति रजिस्टर मांगा था। उनके कार्यालय में उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज करने का प्रावधान नहीं है। अकेला होने के कारण उनसे गुरूवार को निरीक्षण करने की बात कही गई है। अभद्रता की बात गलत है।



