वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को तम्बाकू सेवन के खतरे से बचाने की आवश्यकता, भगवानपुर में तंबाकू मुक्त विद्यालय कार्यशाला संपन्न
भगवानपुर । वर्तमान समय में पूरी दुनिया में तंबाकू सेवन के कारण होने वाली अकाल मृत्यु की संख्या सबसे अधिक है। तंबाकू कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग जैसे गंभीर रोगों का मुख्य कारण है। भारत में तंबाकू के कारण प्रतिवर्ष लगभग 13.5 लाख लोगों की मृत्यु होती है और वर्तमान में लगभग 27 करोड़ लोग तंबाकू की लत में फंसे हुए हैं। ग्लोबल यूथ सर्वे 2019 के अनुसार भारत में 15 वर्ष एवं उससे कम आयु वर्ग के लगभग 8.5% छात्र-छात्राएं तंबाकू सेवन की लत में हैं। इस अवसर पर सलाम मुंबई फाउंडेशन के समन्वयक अजय चौहान ने अपने मार्गदर्शन में कहा कि तंबाकू मुक्त विद्यालयों के साथ ही नागरिकों एवं विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करना शिक्षकों का पुण्यकार्य है।
इसी प्रकार अजीत सिंह ने कहा कि हमारे देश के विद्यार्थियों को तंबाकू की लत से बाहर निकालकर उन्हें तंबाकू मुक्त वातावरण देना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्था नीति अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्य में शिक्षकों की भूमिका निर्णायक और पवित्र होगी, जिससे पूरे देश को तंबाकू मुक्त किया जा सकेगा। दिनांक 9, 10 और 11 सितंबर को शासन की तंबाकू मुक्त विद्यालय नीति के अंतर्गत, भगवानपुर विकासखंड द्वारा, खंड शिक्षा अधिकारी भगवानपुर मा. श्री अभिषेक शुक्ला के प्रमुख मार्गदर्शन में, बीआरसी प्रशिक्षण केंद्र भगवानपुर में लगातार तीन दिनों में 5 बैचों में कार्यशालाएँ संपन्न हुईं। इस कार्यशाला में भगवानपुर विकासखंड के 164 प्रधानाचार्य व शिक्षकों ने भाग लिया और अपनी-अपनी विद्यालय को तंबाकू मुक्त बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अभिषेक शुक्ला ने की। प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में सलाम मुंबई फाउंडेशन – एवरेस्ट फाउंडेशन से श्री अजय चौहान, बालाजी सेवा संस्थान से अजीत सिंह एवं डॉ. श्रेया कौर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रविंद्र कुमार (भगवानपुर हरिद्वार) ने किया। एवरेस्ट फाउंडेशन की मदद से शीघ्र ही भगवानपुर ब्लॉक के सभी विद्यालयों को तंबाकू मुक्त बनाने के प्रयास किए जाएंगे, यह जानकारी भी इस अवसर पर दी गई।

