उत्तराखंड पटवारी भर्ती मामले में हाकम को हाईकोर्ट से जमानत, पास कराने के लिए 15-15 लाख की थी डिमांड

नैनीताल । उत्तराखंड पटवारी भर्ती परीक्षा मामले में आरोपी हाकम सिंह को बुधवार को हाईकोर्ट ने बेल दे दी। हाकम सिंह की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट के अवकाशकालीन न्यायाधीश आलोक मेहरा की एकलपीठ ने सुनवाई की। उन पर आरोप था कि दोनों ने इस परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से 12 लाख से लेकर 15 लाख रुपये तक की मांग की थी। हाकम सिंह को नकल माफिया का मास्टरमाइंड बताया गया था।

याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एएस रावत ने बताया, हाकम के विरुद्ध पटवारी भर्ती परीक्षा में नकल कराने के कोई साक्ष्य नहीं हैं। पुलिस ने उसे पूर्व के रिकॉर्ड के आधार पर गिरफ्तार किया है। इसके अलावा मामले के एक अन्य आरोपी की जमानत दी जा चुकी है। इन तर्कों के आधार पर हाईकोर्ट ने हाकम की जमानत मंजूर कर ली। मालूम हो पटवारी भर्ती परीक्षा से एक दिन पूर्व 20 सितंबर 2025 को पुलिस व एसटीएफ उत्तराखंड ने हाकम और उसके कथित सहयोगी पंकज गौड़ को गिरफ्तार किया था।

उत्तराखंड की पटवारी भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में सबसे अधिक चर्चित नाम रहा है हाकम सिंह रावत, जिसे नकल माफिया का “मास्टरमाइंड” बताया जाता है। इसके आरोप में वह पहले भी पिछले साल सितंबर में गिरफ्तार हुआ था। पुलिस और STF ने उसे अभ्यर्थियों को 12–15 लाख रुपए लेकर पास कराने का लालच देकर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक का प्रयास करने के आरोप में पकड़ा था।

हाकम सिंह का नाम 2022 की यूकेएसएसएससी परीक्षा से जुड़े पेपर लीक घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसे उत्तराखंड के युवाओं और बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया गया। वह लिवाड़ी गांव से है और ग्राम प्रधान भी रह चुका है। कुछ लोगों के मुताबिक वह स्थानीय रूप से गरीबों का मसीहा भी दिखा, लेकिन भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और रिश्वत का मामला उसके खिलाफ प्रमुख रूप से सुर्खियों में रहा।

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