सनातन धर्म ओर शंकराचार्य जी का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी कांग्रेस: राजेन्द्र चौधरी, शंकराचार्य के समर्थन में उतरे कांग्रेसी, मौन धारण कर मंदिर प्रांगण में बैठे

रुड़की । शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ हुए दुर्व्यवहार का मामला थमता नहीं दिख रहा है। रविवार को इस मामले को लेकर कांग्रेसी शंकराचार्य के समर्थन में उतर आए। सिविल लाइंस में श्री साईं मंदिर के प्रांगण में मौन धारण कर कांग्रेसियों ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ हुए दुर्व्यवहार की निंदा की और सरकार से तत्काल इस मामले में शामिल दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

महानगर, रुड़की जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी एडवोकेट ने कहा कि एक तरफ तो भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति करती है और दूसरी तरफ धर्म का अपमान करती है। सनातन धर्म की रक्षा की जिम्मेदारी चार शंकराचार्यों पर है, जिस कारण चारों ही शंकराचार्य पूरे सनातन और हिंदू धर्म के मार्गदर्शक एवं पूजनीय है। प्रयागराज में जिस तरह से भाजपा शासित योगी सरकार में गंगा स्नान को जा रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ अभद्रता, धक्का-मुक्की और उनके शिष्यों के साथ मारपीट की गई है वह बेहद दुखद और शर्मनाक है।

यह शंकराचार्य नहीं, बल्कि पूरे सनातन धर्म का अपमान है, जिसे लेकर कांग्रेस खामोश नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि भारत में सनातन धर्म सभी धर्मों का सम्मान करता है।कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार अगर वास्तव में निष्पक्ष है और सनातन धर्म तथा शंकराचार्य का सम्मान करती है तो मुख्यमंत्री को तत्काल शंकराचार्य और उनके शिष्यों से माफी मांगनी चाहिए, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस प्रदेश महामंत्री सचिन गुप्ता ने कहा कि शंकराचार्य के अपमान से पूरे सनातन धर्म में गुस्सा पनप रहा है, जिसका खामियाजा सरकार को 2027 में भुगतना पड़ेगा। शंकराचार्य किसी वाहन से नहीं, बल्कि अपने शिष्यों द्वारा ले जाई जा रही बग्गी से स्नान के लिए जा रहे थे। कहा कि भाजपा सनातन का सम्मान नहीं, बल्कि सनातन को बदनाम कर रही है। दुनिया में आज भारत मीट एक्सपोर्ट का सबसे बड़ा बाजार बन गया है और यूपी इसमें पहले नंबर पर है, जिसे लेकर शंकराचार्य गौ हत्या पर योगी सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं और इस पर दिखावा न कर रोक की मांग कर रहे हैं। मौन धारण में प्रणय प्रताप सिंह ने कहा कि शंकराचार्य का सम्मान ना कर सरकार ने साबित कर दिया है कि वह सच्चे सनातन को मानने वालों की विरोधी है तथा शंकराचार्य जी द्वारा गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित कर गोविंद को रोकने का जो प्रयास है उसका विरोध कर रही है क्योंकि भाजपा बीफ निर्यात करने वाली कंपनियों से मोटा धान चांद के रूप में वसूलते हैं जो की निंदनीय है उन्होंने कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक को इस गंभीरता को समझना चाहिए कि जब देश में धर्माचार्य को भी सरकार पर उंगली उठाने का अधिकार नहीं बचा है आम नागरिक की क्या स्थिति होगी। इस अवसर पर संजय उर्फ़ गुड्डू, राजकुमार सैनी, जसवीर प्रधान,मोहसिन गॉड,मदन पाल भड़ाना, नवीन जैन, मोहित त्यागी, गौरव,समीर खान, सुभाष चंद्र शर्मा,विशाल सहगल पंकज सोनकर जाकिर हुसैन भानु प्रताप प्रमोद धारिया विकास सेनी आदि मौजूद रहे।

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