हरिद्वार में सामाजिक संगठनों ने किया यूजीसी का विरोध, सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी प्रेषित किया, कहा-इस कानून से सवर्णों को दबाया जा रहा है, सामान्य वर्ग का बच्चा घबराया हुआ

हरिद्वार । यूजीसी द्वारा लाए गए नए नियमों का बुधवार को जन सामान्य मंच और पूर्वांचल उत्थान संस्था द्वारा विरोध किया गया। सदस्यों ने सीटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी प्रेषित किया। बुधवार को प्रदर्शन के दौरान सदस्यों का आरोप है कि इस कानून से सवर्णों को दबाया जा रहा है।

सामान्य वर्ग का बच्चा घबराया हुआ है। पहले कानून में ओबीसी नहीं था अब उसे भी शामिल कर लिया गया। झूठी शिकायत पर शिकायत दर्ज करवाने वाले पर कोई कार्यवाही नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार का फैसला बहुत गलत और निंदनीय है।

इससे आपसी भाईचारे को भी ठेस पहुंचेगी। सरकार को कोई भी नियम लागू करने से पहले उसकी जांच करनी चाहिए थी। इस प्रकार के नियम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सभी को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक नियम वापस नहीं होता संघर्ष जारी रहेगा। अब सिर्फ सांकेतिक रूप से सीटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन और ज्ञापन दिया गया है। जल्द सरकार बिल वापस नहीं लेती है तो सड़क पर जन आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. प्रेमचंद शास्त्री, डा. जितेंद्र सिंह, बाल कृष्ण शास्त्री, सुधा राठौर, मुरारी पांडे, रंजिता झा, डा वीके त्रिपाठी, आनंद कुमार तिवारी, देशराज शर्मा, अमित त्यागी, दीपक चौबे, नमन सारस्वत, महिपाल सिंह, अमित श्रीवास्तव, दीपक मिश्रा, मुकेश अग्रवाल, राजकुमार मिश्रा, ऐश्वर्य पांडे, मंजुल चतुर्वेदी, जयप्रकाश उपाध्याय, अमित शर्मा आदि उपस्थित रहे।

 

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