भगवान वाल्मीकि जी संस्कृत भाषा के पितामाह थे, जिन्होंने बुराई पर नेकी की जीत का संदेश अपने महान ग्रंथ श्री रामायण के जरिए दिया, मेयर गौरव गोयल ने किया महर्षि वाल्मीकि शोभायात्रा का शुभारम्भ
रुड़की । मेयर गौरव गोयल ने कहा कि महर्षि भगवान वाल्मीकि यदि ना होते तो भारतीय संस्कृति के आधार प्रभु श्रीराम के तप त्याग व मर्यादित चरित्र को लोग कैसे जान पाते।अंबर तालाब से महर्षि बाल्मीकि शोभा यात्रा का फीता काटकर शुभारंभ करते हुए मेयर गौरव गोयल ने कहा कि रामायण रूपी रत्न से विश्व को आलोकित करने वाले ऋषि वरुण व माता चर्षणी के पुत्र बाल्मीकि के प्रकटत्सव को आज हम बड़े धूमधाम से मना रहे हैं।समाज के सभी जाति,पंथ में परस्पर पूरकता सामंजस्य का भाव होना चाहिए यही समरसता है।उन्होंने बाल्मीकि समाज को शुभकामना देते हुए कहा कि आज आवश्यकता है कि हम महर्षि भगवान बाल्मीकि के आदर्शों का अनुसरण कर उनके बताए मार्ग पर चलें।इस अवसर पर पार्षद धीरज पाल,घनश्याम बिरला, सुशील कुमार,रामेश्वर, आकाश बिरला,सुखबीर सिंह,नरेश कुमार फौजी, संजीव,सनाती बिरला आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


