पंचायत चुनाव में हार के बाद बसपा विधायकों ने प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा संगठन को मजबूत करना है तो प्रदेश नेतृत्व को बदलना होगा

हरिद्वार । जिला पंचायत चुनाव में बसपा को मिली हार के बाद पार्टी के विधायकों ने प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परिणाम के लिए प्रदेश नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराते हुए उनकी अनदेखी का आरोप लगाया। विधायक बोले, अगर संगठन को मजबूत करना है तो प्रदेश नेतृत्व को बदलना होगा। चंद्रशेखर चौक स्थित कैंप कार्यालय पर लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद और मंगलौर विधायक सरवत करीम अंसारी ने संयुक्त पत्रकार वार्ता की। विधायक शहजाद ने कहा कि चुनाव में पार्टी की जो स्थिति हुई है उसके लिए प्रदेश नेतृत्व जिम्मेदार है। चुनाव के लिए कमेटी बनाई जाती है। जिसमें संगठन के महत्वपूर्ण लोगों के साथ ही विधायकों को शामिल किया जाता है। पहली बार ऐसा पार्टी में देखने को मिला कि प्रत्याशी घोषित करने के लिए कमेटी नहीं बनाई गई। प्रदेश प्रभारी जीएस दिनकर, नरेश गौतम, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य ब्रजवाल और पूर्व विधायक हरिदास की मर्जी से प्रत्याशियों की घोषणा की गई। क्षेत्रीय, जातीगत समीकरणों के आधार पर टिकट वितरण नहीं किए गए। टिकट वितरण में दोनों विधायकों से कोई सलाह नहीं की गई न ही पूछा गया। बल्कि चुनाव में यह कहा गया कि वह पार्टी के लिए काम नही करेंगे। जिले में 1995 से अब तक हुए चुनावों में बसपा मुख्य भूमिका में रही है और बोर्ड भी बनाया। अब केवल छह सदस्य आए हैं। जिसमे से एक ने पहले ही दिन पार्टी छोड़ दी। विधायक ने कहा कि मायावती उनकी नेता हैं और हम उनका सम्मान करते हैं। उनसे मांग करते हैं कि प्रदेश में संगठन की मजबूती के लिए प्रदेश नेतृत्व को बदलने का काम किया जाए। मंगलौर विधायक सरबत करीम अंसारी ने कहा कि पूरे चुनाव में पार्टी ने दोनों विधायकों को नजर अंदाज किया है। हमें चुनाव में घर बैठाने का कारण प्रदेश नेतृत्व से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब घर में शादी होगी तो पूछा जाएगा। टिकट वितरण में सर्वसमाज को सम्मान दिया जाना चाहिए था। बहुजन समाज पार्टी को बचाने के लिए हाईकमान को निर्णय लेना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *