हरियाणा के ठग गैंग का सदस्य निकला हरिद्वार पुलिस का जवान, डीआईजी डॉ योगेंद सिंह रावत ने आरोपी पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर जांच एएसपी को सौंपी
हरिद्वार । हरियाणा के यमुनानगर में पुलिस के हत्थे चढ़े ठग गैंग में शामिल एक आरोपी की पहचान हरिद्वार पुलिस के जवान के रूप में हुई है। आरोपी कांस्टेबल यशपाल को डीआईजी/एसएसपी डॉ योगेंद सिंह रावत ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसएसपी ने जांच एएसपी रेखा यादव को सौंपी है। यमुनानगर के गांधीनगर थाने में पेशे से किराना कारोबारी मोहित ने ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसके परिचित ने उसे एक व्यक्ति से मिलवाया था। उस व्यक्ति ने दस हजार रुपए के पांच पांच सौ के नकली नोट बाजार में चलाने की बात कही थी। मोहित ने नकली नोट बाजार में चला दिए। दूसरी बार मुलाकात होने पर उस युवक ने तीन लाख की असली रकम के बदले नौ लाख के नकली नोट देने की बात कही थी। सौदा तय होने के बाद मोहित ने तीन लाख की रकम उसे दे दी। बदले में मोहित को काले रंग का बैग थमा दिया गया। इसी दौरान पुलिस की वर्दी में पहुंचे एक युवक ने उसे पकड़ लिया। डरा धमकाकर असली नोट और नकली नोट के बैग को लेकर फरार हो गया। पीड़ित ने इसकी शिकायत हरियाणा पुलिस से की। जांच में गैंग के सात सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़े। सामने आया कि ज्वालापुर कोतवाली में तैनात कांस्टेबल यशपाल ही वह पुलिसकर्मी है, जिसने किराना कारोबारी को झूठे मुकदमे में फंसा देने की धमकी देकर गैंग के साथ मिलकर उसे ठगा था। हरियाणा पुलिस ने 25 फरवरी को पुलिसकर्मी यशपाल को भी गिरफ्तार कर लिया। इस बात की जानकारी जब हरिद्वार पुलिस के अफसरों को हुई तो हड़कंप मच गया।
डीआईजी डॉ योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि कांस्टेबल के गिरफ्तार होने की जानकारी सामने आने पर उसे निलंबित कर दिया गया है। जांच एएसपी रेखा यादव को सौंपी गई है। वह उस वक्त ड्यूटी पर था या नहीं, यह बात भी जांच की जा रही है।





























