यूरिक एसिड कम करने में असरदार है ये फूल, किडनी साफ करके प्यूरिन को कर देगा फ्लश
फल हमारे सेहत के लिए कितने फायदेमंद होते हैं, ये तो सभी जानते होंगे. लेकिन क्या आपको पता है, कुछ फलों के फूल भी कई बीमारियों में दवा का काम करते हैं. जी हां, आज हम आपको बताएंगे कि केले का फूल एक गंभीर बीमारी में बेहत असरदार माना गया है. आजकल यूरिक एसिड की समस्या तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट्स फाइबर फूड के सेवन की सलाह देते हैं. साथ ही अगर आपको हाई यूरिक एसिड की दिक्कत है, तो आप फलों में केले को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें. हालांकि यूरिक एसिड की समस्या से छुटकारा पाने में केवल केला ही लाभदायक नहीं है, बल्कि इसका फूल दवा की तरह असरदार होगा. दरअसल, केले के फूल में फास्फोरस, कैल्शियम, पोटेशियम, तांबा, मैग्नीशियम और आयरन होता है. देश के कुछ हिस्सों में केले के फूल के पकौड़े और सब्जी भी बनाकर खाई जाती है. आइये जानें यूरिक एसिड में ये फूल किस तरह सहायक है…
हाई यूरिक एसिड में केले के फूल के फायदे-
1. केले के फूलों में होता है फाइबर
यूरिक एसिड की बीमारी में मरीज को फाइबर फूड के सेवन की सलाह दी जाती है. दरअसल, केले के फूलों में दो प्रकार के फाइबर होते हैं, एक घुलनशील और दूसरा अघुलनशील. ये दोनों मिलकर मेटाबोलिक रेट बढ़ाते हैं और प्यूरिन को तोड़ने में मदद करते हैं. इसलिए केले के फूल को खाने से से मल के साथ प्यूरिन की पथरियां बाहर निकाल जाती हैं.
2. एंटी इंफ्लेमेटरी गुण
बॉडी में जब हड्डियों के बीच प्यूरिन पथरियां जमा हो जाती हैं तो उनमें गैप आ जाता है, और व्यक्ति गाउट का शिकार हो जाता है. ऐसे में आप केले के फूलों का सेवन करें. इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो यूरिक एसिड की समस्या को तेजी से काम करते हैं और दर्द से भी राहत मिलती है.
3. किडनी का फंक्शन होता है तेज
केले के फूलों की खासियत ये है कि इनमें एल्कलाइन गुण पाए जाते हैं. ये गुण पथरी की समस्या को दूर करने में सहायक होते हैं. साथ ही ये प्यूरिन के पथरी को पचाते हैं और किडनी के काम में फ्लो पौदा करते हैं. इससे शरीर में यूरिक एसिड जमा नहीं हो पाता है और पेशाब के सहारे डिटॉक्स हो जाता है.





























