उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने से आई बाढ़, मुख्य सचिव ने जताई 100-150 लोगों के हताहत होने की आशंका, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत घटनास्थल के लिए रवाना हुए
देहरादून / जोशीमठ । उत्तराखंड के चमोली जिले के रैनी में ग्लेशियर फटने की सूचना है। बताया जा रहा है कि ग्लेशियर फटने से धौली नदी में बाढ़ आ गई है। इससे चमोली से हरिद्वार तक खतरा बढ़ गया है। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। वहीं, चमोली जिले के नदी किनारे की बस्तियों को पुलिस लाउडस्पीकर से अलर्ट कर रही है। कर्णप्रयाग में अलकनंदा नदी किनारे बसे लोग मकान खाली करने में जुटे। वहीं हादसे में कई लोगों के लापता होने की खबर है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोगों से पुराने वीडियो शेयर न करके और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। इसके अलावा उन्होंने मदद के लिए एक मोबाइल नंबर जारी किया है। एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने कहा, ‘ग्लेशियर टूटने से ऋषिगंगा नदी प्रभावित हुई है और बाढ़ के कारण बीआरओ द्वारा बनाया जा रहा पुल बह गया है। ऋषिगंगा परियोजना की अपर रीच भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे चमोली, जोशीमठ और अन्य बहाव क्षेत्र प्रभावित होंगे। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें पहले से ही जोशीमठ में तैनात हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) पहले ही देहरादून से जोशीमठ स्थानांतरित हो चुका है। हम दिल्ली से देहरादून के बाद जोशीमठ तक 3-4 और टीमों को एयरलिफ्ट करने की आयोजन बना रहे हैं। चमोली जिले में आई बाढ़ के चलते 100-150 लोगों के हताहत होने की खबर नहीं है। यह जानकारी उत्तराखंड के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने दी।


