जाट महासभा ने किया कृषि कानूनों का विरोध, भाजपा सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, कहा किसानों को सड़कों पर लाना चाहती है भाजपा सरकार

हरिद्वार । जाट महासभा पंचपुरी ने केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में भगत सिंह चौक पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके साथ ही की कानूनों की प्रतियां जलाकर सरकार से तत्काल प्रभाव से इसे वापस लेने की मांग की। रविवार को जाट महासभा पंचपुरी के कार्यकतार्ओं ने दशहरा के मौके पर कृषि कानूनों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर महासभा के अध्यक्ष चौधरी देवपाल सिंह राठी ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार किसानों को सड़कों पर लाना चाहती है। वह उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए कृषि जैसे कानूनों को ला रही है, ताकि उद्योगपति किसानों को लूटकर मालामाल हो सकें। इसके लिए वह इन कानूनों के जरिये किसानों के खेतों पर उद्योगपतियों का कब्जा कराना चाहती है, लेकिन देश का किसान ऐसा किसी भी हालत में नहीं होने देगा। राठी ने कहा कि चार अक्टूबर को किसान नेता जयंत चौधरी पर हाथरस जाते समय लाठी चार्ज कर दिया गया। कहा कि जाट महासभा लाठी चार्ज की कड़ी शब्दों में निदा करती है। महासभा के महामंत्री धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि सरकार के नए कृषि कानूनों से किसानों को कोई लाभ नहीं होगा। कहा कि अगर सरकार किसानों की इतनी ही हितेषी है तो वह काश्तकारों की फसलों का मूल्य लागत के अनुरूप दिलाए, लेकिन किसानों की आय दोगुना करने वाली भाजपा सरकार में किसानों का गन्ने का भुगतान भी नहीं मिल रहा है। वहीं, सरकारी केंद्रों पर किसानों का धान भी नहीं खरीदा जा रहा है। कहा कि जाट महासभा राष्ट्रपति से मांग करती है कि कृषि संबंधी तीनों कानूनों को निरस्त कर किसानों को बर्बाद होने से बचाया जाए। इस मौके पर हरपाल सिंह, सोहनवीर सिंह राठी, सिकंदर सिंह, योगेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, ओमवीर राठी, राजीव तोमर आदि मौजूद रहे।

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