अंकिता भंडारी हत्याकांड में पूर्ण न्याय की मांग को लेकर मंगलौर में निकाला गया कैंडल मार्च, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने लिया हिस्सा, बोले-सरकार को सीबीआई जांच करानी चाहिए, ताकि सच सामने आए और अंकिता के परिवार को न्याय मिले

मंगलौर । उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में पूर्ण न्याय की मांग को लेकर रविवार देर शाम मंगलौर में कैंडल मार्च निकाला गया। कैंडल मार्च में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व विधायक काजी निजामुद्दीन समेत सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। कैंडल जलाकर अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी। साथ ही दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। अंकित भंडारी हत्याकांड में हाल ही में कथित वीआईपी की संलिप्तता के नए आरोपों ने फिर से राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है, जिसके चलते न्याय की मांग तेज हो गई है। रविवार देर शाम को मंगलौर में कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने नारे लगाते हुए कहा कि अंकिता को न्याय तभी मिलेगा जब मामले की गहराई से जांच हो और सभी संलिप्त लोगों पर कार्रवाई की जाए।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी उत्तराखंड की बेटी थी। उसकी हत्या ने पूरे प्रदेश को शर्मसार किया है। तीन साल बीत जाने के बाद भी न्याय की लड़ाई जारी है। उन्होंने कहा कि वह मांग करते हैं कि मामले में अगर कोई वीआईपी संलिप्त है, तो उसकी भी जांच हो और उसे सजा मिले। सरकार को सीबीआई जांच करानी चाहिए, ताकि सच सामने आए और अंकिता के परिवार को न्याय मिले। पूर्व सीएम ने कहा कि यह मार्च सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि न्याय की पुकार है और वह तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिल जाती। मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने कहा कि उत्तराखंड जैसे देवभूमि में महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है और ऐसे मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वीआईपी को बचाने का काम कर रही है। कांग्रेस कार्यकर्ता एकजुट होकर प्रदेश में अंकित भंडारी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। कैंडल मार्च में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर अंकित भंडारी को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर झबरेड़ा विधायक विरेन्द्र जाती, राजेन्द्र चौधरी, नगर पालिका अध्यक्ष मोहिउद्दीन अंसारी, चौधरी इस्लाम, डा. एसपी बावरा, जितेन्द्र पंवार, मोनू प्रधान, मीर हसन प्रधान, फरमान खान, शाह वकार चिश्ती, कुंवर जावेद इकबाल समेत अन्य उपस्थित रहे।

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