धर्मनगरी में गंगा सप्तमी पर में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, मां गंगा की पूजा अर्चना कर दान देकर पुण्य भी कमाया
हरिद्वार । गंगा सप्तमी स्नान पर्व पर रविवार को धर्मनगरी में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। वहीं सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पत्नी संग धर्मनगरी पहुंचकर गंगा पूजन और दुग्धाभिषेक भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शुरू हुई चारधाम यात्रा सकुशल संपन्न होने की गंगा मां से कामना की है। रविवार सुबह धर्मनगरी में गंगा सप्तमी स्नान के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। सूर्योदय के साथ ही हरकी पैड़ी गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंच गयी। सुबह करीब 9 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पत्नी संग हरकी पैड़ी गंगा घाट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गंगा पूजन और दुग्धाभिषेक कर मां गंगा से चारधाम यात्रा के सकुशल संपन्न होने की मनोकामना मांगी। सीएम पूजा अर्चना के बाद मायापुर स्थित डाम कोठी भी गए। स्नान के लिए हरकी पैड़ी गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही दिनभर चलती रही। इसके अतिरिक्त मालवीय घाट, सुभाष घाट, नाई सोता घाट पर भी श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद मां गंगा की पूजा अर्चना कर दान देकर पुण्य भी कमाया। इस दौरान धर्मनगरी के गंगा घाटों के साथ ही मठ मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। गंगा सप्तमी पर्व पर कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरिद्वार में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। हर तरफ गंगा घाटों पर मां गंगा के जयकारे गूंजते रहे और घंटे घड़ियालों की आवाज गूंजती रही । पंडित प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि बैशाख शुक्ल सप्तमी के दिन ब्रह्मा के कमंडल से मां गंगा की उत्पत्ति हुई थी। इसे गंगा जन्मोत्सव भी कहा जाता है। इसी दिन भागीरथ ने अपने घोर तप से मां गंगा को प्रसन्न किया। इसके बाद मां गंगा भगवान शिव की जटाओं में समाहित हुई। उसी दिन से यह पर्व आज तक चला आ रहा है।